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उड़ान आने वाले सुनहरे पल की | The golden moment of flight

मनुष्य : गुरु :: पिता :: बेटा 

सबसे अच्छा गुरु कौन ?

सबसे अच्छा पिता कौन ?

सबसे अच्छा बेटा कौन ? 

मनुष्य ” … केवल मनुष्य।  उसका मस्तिष्क, उसका  गुरु।  उसका शरीर , उसका  पिता।  और उसका हृदय , उसका बेटा। 

अपने बारे में तो सभी को  सब कुछ पता होता  है।  एक सरकारी स्कूल में  पढ़कर एक छात्र  आईपीएस अफसर बन सकता है, तो  कोई  चिकत्सक बन  सकता है , तो कोई  चपरासी भी  बन सकता है ! तो फिर  उसी स्कूल में पढ़कर एक बेरोज़गार कैसे बन सकता है . जबकि  सभी को  शिक्षा एक गुरु ने दी ! 

मनुष्य खुद इसका जिम्मेदार होता है।

गुरु….गुरु का मतलब होता है प्रकाश और सिर्फ प्रकाश , अंधकार को भी प्रकाश में  बदलने वाला होता है गुरु , अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाला  होता हे गुरु।  

पिता… अरे ! पिता तो सभी बनते है , लेकिन  एक  पिता अपने  बेटा को आईपीएस जैसे उच्च स्थान पर  देखता  है  और हर पिता का यही एक सपना होता है की उसका बेटा बहुत बड़ा आदमी बने , और

सबसे उच्चे पदों की जैसे आईपीएस अफसर, डॉक्टर, या इंजीनियर  बनने की कामना करता है  . यही से शुरू होती है बेटे की कहानी, आज कल के टाइम में बच्चे पहले तो माँ – बाप के सपनो को पूरा करने में रात – दिन एक करते है , और

बहुत ज्यादा पढाई करते रहते है , उन्हें पता ही नहीं रहता की उनके आस – पास क्या हो रहा है, और अपनी किताबो की दुनिया में डूबता चले जाते है।  और जब जॉब का नंबर आता है तो, 

बेटा : करके M.A. , B.A पास , 

जॉब न आई फिर भी हाथ 

सोचा डिग्री से बनेगा नाम , 

पर बेकारी 

बन  गया अब उसका काम।

 रोज़गार ढूंढ़ना अब रह  गया  काम।। 

भारत में सबसे ज्यादा मध्य वर्ग  के लोग बेरोज़गारी का  शिकार  होते है ! ये लोग भी अलग – अलग चुनोतियो का सामना करते है कुछ हैं जो काम करना चाहते  पर  मिलता नहीं तो कुछ है जिनको काम मिलता है ,

पर उनकी इच्छा या योग्यता  के अनुसार नहीं, कभी दिव्यांगता के कारण और कभी तो परिस्थिति  भी  ऐसी  आ  जाती है जैसे  की कोरोना वायरस , अर्थव्यवस्था  का गिरना , प्राकृतिक आपदा  , आपातकालीन स्थिति , जनसंख्या विस्फोटक  के कारण  और  ऐसे अनेको कारणों की वजह से लोग बेरोज़गारी के शिकार होते  चले जाते है !  

इसमें आखिर गलती किसकी है पिता की , गुरु की ,या बेटे की। ? ऐसा क्या हो जाता है जो बेरोज़गारी   छा जाती है ?  आखिर क्यों होते  है  लोग बेरोज़गारी का शिकार ?  मनुष्य खुद ही  इसका जिम्मेदार होता है 

भारत में बेरोज़गारी सबसे ज्यादा इसीलिए है क्योकि  हमारे यहाँ  पढ़ने वाला यह सोचता है  कि  पढाई- लिखाई  करके वो बहुत  बड़ा आदमी बन जायेगा पर उसका सपना…सपना ही रह जाता है क्योकि  उसने तो सिर्फ किताबी पढाई की  है , असल जिंदगी के बारे में तो उसने कभी जाना ही नहीं जैसे रोज़मर्रा में आने वाली चीज़ो के बारे में उसको कोई  जानकारी नहीं होती । और

ये सब चीज़े तो बताई ही नहीं जाती है।  पढाई के साथ – साथ  इन सब चीज़ो की जानकारी भी  बहुत जरुरी है।   ऑनलाइन – ऑफलाइन हर परिस्थिति का सामना करना बच्चो को सीखाना चाहिए।

उन्हें किताबो के साथ साथ प्रैक्टिकली और  रियल लाइफ के बारे में बताना चाहिए।  हमारी  शिक्षा प्रणाली में वित्तीय शिक्षा को भी  बाकी शिक्षा के साथ  शामिल करना चाहिए। 

बच्चो को शुरू से ही कई और नए नए  स्रोत आय के बारे में भी उन्हें  शिक्षित करना चाहिए।  नकारात्मक भावनाओं को खुद पर हावी न होने दें? हमेशा सकारात्मक सोच रखे , और आय  के कई स्रोत  होने चाहिए । 

भारत सरकार  को इस तरफ भी ध्यान देना चाहिए , तभी तो हमारा  आने   वाला   कल सुनहरे पलो  की  उड़ान   बरेगा।  

Man: Mentor :: Father:: Son 

Who is the best Mentor

Who is the best father

Who is the best son?

Man” … only Man. His brain is his mentor. His body is his father. And his heart is his son.

Everyone knows everything about themselves. By studying in a government school, if a student can become an IPS officer, can become a doctor, or can be a peon.  Then how can one be left unemployed even after studying in the same school? Whereas, the same teacher gave the education to all. 
Man himself is responsible for this.

Mentor …. mentor is the one who leads us towards the light and…only light, even can turn the darkness into the light. A mentor is the one who leads us from darkness to light.

Father … .well, everyone becomes a father once in their life.  and every father has a dream that there’ll be a day where his son is at the highest positions like IPS officer, doctor, or engineer and these are the things that he Wishes for. 
And here, comes the story of the son,  Children of these days, make full day and night to fulfill the dreams of their parents and continue studying a lot, they don’t even know much about their surroundings – even They’re not aware  What is happening nearby, and they just keep drowning and…. drowning in the world of books. And when the job number comes,

Son: Passed  M.A., B.A, 

but, Still didn’t get the job, 

 thought the degree will work

But left unemployed.

Getting employment has now become work.

Most middle-class people suffer from unemployment in India.

  These people just keep facing different difficulties and challenges. Some people want to work but they didn’t get it, or if they got the job, there is no happiness in it, as the job is not according to their wish or ability, they just get trapped in the web of unemployment in anyhow, sometimes due to disability and sometimes the situation leaves your hands such as coronavirus, the collapse of the economy, natural calamity, emergency, or population explosives, and many other reasons, people fall prey to unemployment. 

After all, whose fault is it,… is it the father, the mentor, or the son? What the damn happens that they’re getting trapped in this web of unemployment?  why do people left unemployed?

Man himself is responsible for this. 

unemployment is the highest faced problem in India because the learner here thinks that by just studying, they’ll be at a very big post but this dream…  remains a dream…

He just had books and lived in books, he has never known about real-life,… like he has no information about everyday things. And all these things are not told at all. Along with studies, knowledge of all these things are also very important. they should make them learn how to handle any situation be it online or offline, they should learn real-life things and able to think practically. One thing that should be added to our education system is that along with the rest of studies they should also give some lessons on financial education. students must be aware of multiple sources of income or finances. 

Don’t let the negative thoughts dance on your head, be positive and think of multiple sources of income. 

The Government of India should also pay attention to this, only then our coming tomorrow can take a golden flight.

QuiZ Time…

  • Corona ke time me bharat sarkar ko kya – kya kadam utane chahiye ?
  • what challenges do people usually face because of unemployment?
  • What are the reasons that people just kept falling into this trap of unemployment?
  • Kaise hote hai log “berozgari” ke shikar ?

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